भारतीय अपने वोट बेचते हैं का मिथक /झूठी बात

कनिष्ट/जूनियर कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र के खिलाफ बनाने के लिए,मीडिया मालिक और कार्यकर्त्ता-नेता जो विशिष्टवर्ग और बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा ख़रीदे हुए हैं ,ने झूठी बात बना दी कि नागरिक अपने वोट बेचते हैं | ये लेख ये दर्शाता/बताता है कि कार्यकर्ता जो ये दावा करते हैं कि “भारतीय मतदाता अपने वोट वेचते . . . →Read More:भारतीय अपने वोट बेचते हैं का मिथक /झूठी बात

भारत का सबसे अमीर वर्ग की गलतफहमी

भारत का सबसे अमीर वर्ग की गलतफहमी “आम-नागरिक-समर्थक सामान्य कानूनों का विरोध कर के”

भारत बहुराष्ट्रीय कंपनी का दास या गुलाम बनने की राह पर हे.

बहुराष्ट्रीय कंपनी ५०% या आधी तो कामयाब (सफल) हो गयी हे. बहुराष्ट्रीय कंपनी ने पूरी तरह से भारत प्रौद्योगिकी क्षेत्र में पूरा,कृषि या खेती . . . →Read More:भारत का सबसे अमीर वर्ग की गलतफहमी

रिश्वत लेने के लिए हजार लिए अप्रत्यक्ष तरीके

रिश्वत लेने के लिए हजार लिए अप्रत्यक्ष तरीके जिसमे भ्रष्ट सरकारी अधिकारी पैसे को छुता भी नहीं हे और रिश्वत वाइट में लेता हे

स्वामी रामदेव जी सरकार को बड़ी नोट्स वापस लेने के लिए दबाव दे रहे हे जिससे भ्रष्टाचार रोका जा सके.

हम भी बड़ी नोट्स वापस . . . →Read More:रिश्वत लेने के लिए हजार लिए अप्रत्यक्ष तरीके

अगर समाज के कहे जाने वाले कुलीन लोग या राजनेता तानाशाही करे:उधम सिंग जी की योजना

अगर समाज के कहे जाने वाले कुलीन या महान लोग जैसे के राजनेता या न्यायाधीश तानाशाही (अधिनायकत्व,एकसत्तावाद) करे तब अगर कम से कम ५०० उधम (सिंग) महान क्रान्तिकारी उधम सिंग के कदम पर चले तो बड़ी आसानी से तानाशाही कुचली जा सकती है |

(१) सबसे महत्वपूर्ण बात यह है . . . →Read More:अगर समाज के कहे जाने वाले कुलीन लोग या राजनेता तानाशाही करे:उधम सिंग जी की योजना