अगर समाज के कहे जाने वाले कुलीन लोग या राजनेता तानाशाही करे:उधम सिंग जी की योजना

अगर समाज के कहे जाने वाले कुलीन या महान लोग जैसे के राजनेता या न्यायाधीश तानाशाही (अधिनायकत्व,एकसत्तावाद) करे तब अगर कम से कम ५०० उधम (सिंग) महान क्रान्तिकारी उधम सिंग के कदम पर चले तो बड़ी आसानी से तानाशाही कुचली जा सकती है |

(१) सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऊधम सिर्फ अकेले काम करे और कभी भी कोई संगठन का निर्माण ना करे | अगर आप इतिहास की पदाई करोगे तो पता चलेगा की भगत सिंग हार गया क्यों कि उसके संगठन में विभीषण था | और दुनिया में कही भी एसी लंका नहीं हो सकती जहा विभीषण ना हो | अगर हिंदुस्तान के सारे अच्छे लोग जो “हिंदुस्तान समाजवादी गणतंत्र संघ(हिंदुस्तान सोसिअल रीपबलीकण एसोसीएसन)” थे अगर वो अकेले काम करते तो वो ज्यादा अंग्रेजों का खून कर सकते थे एवम बाकि बहुत ज्यादा लोगो को प्रेरणा दे सकते थे और वो अंग्रेजों के अंदर ज्यादा डर पैदा करता | लेकिन उन लोगों ने संगठन बनाया और हर संगठन में विभीषण होता ही है इस लिए वो सारे पकडे गए तथा मारे गए और बड़ी मुश्किल से वो संगठन सिर्फ एक ही अंग्रेज का खून कर पाए | अगर कोई आखरी भूल कोई ऊधम करेगा तो वो संगठन का निर्माण करने की होगी क्योंकि १० में १ इंसान विभीषण होता है और फिर वो बाकि ९ लोगो की गिरफ्तारी का या उनकी मोत का कारण बनता हे |

हिंदुस्तान समाजवादी गणतंत्र संघ (हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन (HSRA) एसोसिएशन),1928 तक हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के रूप में जाना था जो सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से अंग्रेज हकूमत को उखाड़ फेंकने के लिए था जहा से शहीद भगत सिंग जी काम कर चुके थे | ( http://en.wikipedia.org/wiki/Hindustan_Socialist_Republican_Association )

२. अगर हर उधम अकेले काम करे और अनियमित तरीके से कोई भी बड़े अधिकारी का चयन करे जो तानाशाही की श्रृंखला में ऊपर हो | जैसे के महान क्रान्तिकारी उधम सिंग ने जनरल डायर का वध किया था |

३. उधम को यह अधिकारी या जनरल डायर से अकेले ही निपटना चाहिए | जितने ज्यादा अधिकारी उतना अच्छा | जितना बडा अधिकारी का पद उतना अच्चा | लेकिन बहत ज्यादा उपर का पद होगा तो वो अत्यधिक संरक्षित होगा और मारने के दृष्टिकोण से जोखिम भरा होगा |

४. १०० अधिकारियो के मरते ही बाकि अधिकारियो का मनोबल तूट जायेगा और तानाशाह अकेला पड जायेगा |

अगर उधम अकेले काम करे या संगठन बना के ,दोनों सूरत में वो मरने तो वाला ही है. लेकिन अगर वो संगठन बना के काम करता हे जेसे की १० या ५० उधम,और उनके संगठन मे विभीषण होगा तो सारे उधम किसी भी अधिकारी (जेसे की जनरल दायर) का वध करे बिना ही शहीद हो जायेंगे. अगर वोही १० या ५० उधम अकेले काम करेंगे तो एक बात निश्चित है कि मरने से पहले हर एक उधम एक (जनरल डायर) से दस अधिकारी (जनरल डायर) से निपटेंगे | इस तरह वध होने वाले जनरल डायर ज्यादा होंगे अगर उधम अकेले ही काम करेंगा | अगर पहले साल में १० उधम दिखेंगे तो बाकि उससे प्रेरणा लेंगे और उसके नक्शो-कदम पर चलेंगे. उधम का डर ही डायर के मनोबल को तोड़ देंगा और तानाशाह खतम हो जायेंगा.

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